Sunday, April 3, 2016

आमंत्रण : यूपी की राजधानी लखनऊ में 11 अप्रैल को उद्घाटन के दिन ही आरटीआई भवन के मुख्य द्वार के सामने सभी सूचना आयुक्तों का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन l




प्रिय मित्रों,
हमारा उत्तर प्रदेश आवादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा सूबा है पर दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस सूबे में पारदर्शिता के सिपाहियों और सूचना आयुक्तों के बीच की जंग थमने का नाम लेती दिखाई नहीं दे रही है l जहाँ एक तरफ यूपी के सभी सूचना आयुक्त आने वाले 11 अप्रैल को गोमती नगर के विभूति खंड में 20 करोड़ रुपये की लागत से बने नए चार मंजिला आरटीआई भवन में कार्य करने को लेकर उत्साहित हैं और उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग को इन्दिरा भवन लखनऊ से गोमती नगर लखनऊ में निर्मित सूचना आयोग के नवीन भवन में स्थानान्तरित करने की तैयारी कर रहे हैं तो वहीं मैंने हमारे सूबे के आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा सूचना आयुक्तों पर आरटीआई आवेदकों का उत्पीडन करने और आरटीआई एक्ट के प्राविधानों से इतर
कार्य कर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर व्यक्तिगत अभिलाभ अर्जित करने के
दुरुद्देश्य की पूर्ति करने के चलते ही आयोग की कार्यवाहियों की वीडियो
रिकॉर्डिंग न कराने के आरोपों का संज्ञान लेकर अपने नेतृत्व में 11 अप्रैल को गोमती नगर के विभूति खंड में बने आरटीआई भवन के उद्घाटन के दिन ही आरटीआई भवन के मुख्य द्वार के सामने सभी सूचना आयुक्तों का पुतला दहन कर नवीन भवन में आयोग की सभी कार्यवाहियों की शत-प्रतिशत वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और इन रिकॉर्डिंग्स को आईटी एक्ट में प्राविधानित समय तक संरक्षित रखकर किसी भी पक्ष द्वारा मांगे जाने पर उपलब्ध कराने की माँग बुलंद करने के लिए कमर कस ली है । मैंने इस निमित्त निर्धारित प्रपत्र भरकर लखनऊ के जिलाधिकारी के कार्यालय में प्राप्त करा दिया है

मेरा आपसे कहना है कि यद्यपि आरटीआई एक्ट में सूचना आयुक्तों के लिए
पारदर्शिता के संरक्षक की भूमिका निर्धारित है पर यूपी के वर्तमान सूचना
आयुक्त इससे उलट नितांत अपारदर्शी और निरंकुश रीति से कार्य कर
पारदर्शिता के विनाशक बनते जा रहे हैं l मैंने बीते 19 मार्च को सूबे के राज्यपाल,मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और लखनऊ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक ई-मेल के माध्यम से यूपी के सूचना आयुक्तों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर दोषी जन सूचना अधिकारियों को संरक्षण देकर भ्रष्टाचार को पोषित करने, आरटीआई आवेदकों द्वारा भ्रष्टाचार से सम्बंधित संवेदनशील प्रकरणों की सूचना मांगने पर पर उन पर झूंठे आरोप लगाकर उनको सुनवाइयों में आने से रोकने का षड्यंत्र करने के गंभीर आरोप लगाये हुए आशंका व्यक्त की है कि अपेक्षाकृत सुनसान गोमती नगर के विभूति खंड में बने नए आरटीआई भवन में वीडियो रिकॉर्डिंग के बिना सुनवाई होने पर आरटीआई आवेदक और अधिक असुरक्षित हो जायेंगे और साथ ही साथ सूचना आयुक्त और अधिक निरंकुश और भ्रष्ट हो जायेंगे l

मैं आपको बताना चाहती हूँ कि मैंने बीते 18 जनवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्य
सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी को पत्र देकर इन मुद्दों पर वार्ता हेतु
आरटीआई कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को समय देने की माँग की थी किन्तु मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा इन संवेदनशील मामलों में असंवेदनशील रवैया रखने और आरटीआई हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के मद्देनज़र ही मैंने सूबे के आरटीआई कार्यकर्ताओं को एकजुट कर आने वाले 11 अप्रैल को उनके साथ गोमती नगर के विभूति खंड में बने आरटीआई भवन के उद्घाटन के दिन ही आरटीआई भवन के मुख्य द्वार के सामने सभी सूचना आयुक्तों का पुतला दहन कर नवीन भवन में आयोग की सभी
कार्यवाहियों की शत-प्रतिशत वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और इन रिकॉर्डिंग्स
को आईटी एक्ट में प्राविधानित समय तक संरक्षित रखकर किसी भी पक्ष द्वारा मांगे जाने पर उपलब्ध कराने की माँग बुलंद करने का निश्चय किया है ।

साथियों ,यदि आवश्यकता हुई तो इस माँग के लिए मेरे नेतृत्व में सूचना आयोग में ‘सविनय कार्य बहिष्कार’ आन्दोलन और तत्पश्चात अहिंसक रूप से ‘कार्य रोको’ और ‘जेल भरो आन्दोलन भी चलाया जायेगा ।


आप सभी के प्रतिभाग और सहयोग की अपेक्षा में :

भवदीया
उर्वशी शर्मा
मोबाइल 9369613513

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